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सितंबर, 2021 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

क्या आप जानते हैं कि लोग श्राद क्यो करते हैं?? आओ जाने

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फिल्म 'झुक गया आसमान' का गीत सुना ही होगा- "जिस्म को मौत आती है लेकिन, रूह को मौत आती नहीं है"। रूह (आत्मा) अजर-अमर कही जाती है। माना जाता है कि आत्मा कभी नष्ट नहीं होती। श्रीमद् भागवत के अनुसार जन्म लेने वाले की मृत्यु और मृत्यु को प्राप्त होने वाले का जन्म निश्चित है। जीवन-मरण का ये चक्र प्रकृति का नियम है। सनातनी संस्कृति का लोक विश्वास है कि व्यक्ति अपने जीवन काल में किये कर्मों के अनुसार पाप और पुण्य का भागी होता है। अच्छे कर्मों से उसे स्वर्ग लोक तथा बुरे कामों से नरक भोगना पड़ता है। भावनात्मक लगाव के कारण पितर लोक में रहने वाले पित्रों की याद उनके वंशजों को अवश्य आती है और पितृऋण चुकाने के लिये उनकी श्रद्धा सदैव बनी रहती है। इसी निमित्त श्राद्ध में दान-पुण्ड किया जाता है। पुराणों में भी कहा गया है कि एक निश्चित समय पर विधि विधान से अपने पितरों को श्रद्धा पूर्वक याद किए जाने वाला कर्म ही श्राद्ध है। हमारी लोक आस्था ये भी है कि श्राद्ध से प्रसन्न होकर पितृगणों द्वारा अपने वंशजों को विद्या, धन, आयु, आरोग्य और संतान...

काली ताल में डूबने से एक युवक की मौत

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काली ताल में घूमने गए युवक की डूबने से मौत हो गई इस घटना से चारों ओर हड़कंप मच गया कल कालीताल में हुए एक और घटना को प्रशासन और सम्बंधित पँचायत ने संज्ञान लेना चाहिए और अगर इसे टूरिज्म में विकसित भी करना है और घटनाओं को भी रोकना है तो कुछ नियम और ब्यवस्था बनाने की आवश्यकता है जिससे पँचायत की इनकम भी हो सके और यहाँ आने वालों को सुरक्षा भी मिल सके। जैसे एक कमेटी बनाई जाए यहाँ जाने वालों के लिए एक निर्धारित शुल्क रखा जाए चारों तरफ तार बाड़ किया जाए और एक ही प्रवेश द्वार बनाया जाये और उसी द्वार से आने जाने वालों की एंट्री की जाए प्रति घण्टे के हिसाब से शुल्क लिया जाए जिससे कुछ लोगों को रोजगार भी मिल सके एक दो गोताखोर भी वहाँ पर मौजूद रहे इस प्रकार की ब्यवस्था बनाने की जरूरत है जिससे यहाँ पर्यटन भी बढ़े और ऐसी घटना भी रुक सके।

उत्तराखंड सामान्य ज्ञान, जिला-चमोली Uttarakhand Gk

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  चमोली जिले के प्रसिद्ध  ग्लेशियर और गुफाओं की जानकारी दूणागिरी ग्लेशियर  चमोली जनपद में है हीराबमक ग्लेशियर चमोली जनपद में है संतो पथ ग्लेशियर भागीरथी ग्लेशियर अलकापुरी क्षेत्र के पास में है बद्रीनाथ ग्लेशियर 10 किलोमीटर लंबा है नंदा देवी ग्रुप ऑफ ग्लेशियर चमोली जनपद में है  बर्मा ग्लेशियर चमोली जनपद में है  कल्पानी ग्लेशियर दूध गंगा का जल स्रोत है

काली ताल खूबसूरत झरना पिथौरागढ़ बेरीनाग

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          काली ताल, एक खूबसूरत झरना काली ताल उत्तराखंड के पिथौरागढ़ जनपद के बेरीनाग तहसील में है | यह एक बहुत ही खूबसूरत जगह है जहां कई लोग घूमने आते हैं लेकिन इसकी गहराई अधिक होने के कारण कई लोग इसमें डूब कर अपनी जान गवा देते हैं| यही आप का प्लान काली  ताल घूमने का हो तो आप यदि थल मार्ग से आए हैं तो जयनगर से आपको अंदर गांव की ओर जाना होगा जयनगर से 4 किलोमीटर की दूरी पर काली ताल है बहुत ही खूबसूरत झरना है जहां कई लोग आते जाते रहते हैं लेकिन ध्यान रहे की केवल दूर से ही इसकी खूबसूरती को देखे इसके पानी में न जाए क्योंकि कई बार बच्चे जो जोश में पानी के कई अंदर तक चले जाते हैं क्योंकि यह एक झील है तो उसमें गहराई का अनुमान नहीं लगाया जा सकता जिससे लोग डूब जाते हैं अधिक जानकारी के लिए हमारे यूट्यूब चैनल फेस उत्तराखंड को सब्सक्राइब करें जिसमें यूट्यूब का पूरा ब्लॉग हमारे द्वारा बनाया गया है